जालंधर : मोहिंदर सिंह केपी का हुआ राजनीतिक कत्ल या खुद कर रहे पॉलिटिकल सुसाइड?

संदीप साही
जालंधर, (PNL) : किसी समय मंत्री और सांसद रह चुके मोहिंदर सिंह केपी इस समय चर्चा में है। जालंधर से टिकट न मिलने से खफा केपी ने हाल ही में बयान जारी किया है कि उनका राजनीतिक कत्ल किया गया है। इसको लेकर वह खासे नाराज हैं और उनके आजाद लड़ने तक की भी चर्चा है, लेकिन सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा ये सवाल उठ रहा है कि वाकई केपी का राजनीतिक कत्ल हुआ है या वह खुद पॉलिटिकल सुसाइड कर रहे हैं।
आपको बता दें कि पांच साल तक केपी जालंधर के सांसद रहे थे। तब उन्होंने निचले स्तर पर वर्करों को खुश नहीं रखा और न ही जनता के काम किए। इस कारण वह पिछले चुनाव में जालंधर हलका छोड़कर होशियारपुर चले गए, लेकिन वहां पर विजय सांपला ने केपी को हरा दिया और जालंधर से संतोख सिंह चौधरी चुनाव जीत गए। उसके बाद विधानसभा चुनाव में केपी ने जालंधर वेस्ट हलके को छोड़कर आदमपुर से टिकट की मांग की।
आदमपुर में भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा। अकाली दल के पवन कुमार टीनू ने उन्हें हरा दिया जबकि जालंधर वेस्ट से सुशील कुमार रिंकू जीत गए। पिछले विधानसभा चुनाव में तो कैप्टन की पूरी हवा थी। उसके बावजूद केपी जीत नहीं पाए। यही कारण रहा कि कांग्रेस ने इस बार उन्हें होशियारपुर और जालंधर से लोकसभा की टिकट नहीं दी। उसके बाद केपी ने नाराजगी जताई। कल संतोख चौधरी खुद केपी से मिलने उनके घर पहुंचे, मगर केपी ने कोई खास रिस्पांस नहीं दिया। केपी के विरोध जताने पर सोशल मीडिया पर सवाल उठ रहे हैं कि वह खुद राजनीतिक सुसाइड कर रहे हैं। फिलहाल ये आने वाला वक्त ही बताएगा कि केपी की अगली रणनीति क्या रहेगी।
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