नए साल के पहले इंटरव्यू में मोदी ने राम मंदिर पर दिया बड़ा बयान, वहीं नोटबंदी पर बोले-ये कोई झटका नहीं था

नई दिल्ली, (PNL) : पीएम नरेंद्र मोदी ने साल 2019 में अपने पहले इंटरव्यू में राम मंदिर को लेकर बेहद अहम बयान दिया है। पीएम मोदी ने मंगलवार को कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए कोई अध्यादेश तभी लाया जा सकता है, जब इस पर कानूनी प्रक्रिया पूरी हो जाए।
न्यूज़ एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में उन्होंने राम मंदिर को लेकर अदालती कार्यवाही में देरी को लेकर पीएम मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के वकील सुप्रीम कोर्ट में बाधाएं उत्पन्न कर रहे हैं, इसके चलते राम मंदिर मसले की सुनवाई की गति धीमी हो गई है।
राम मंदिर के अब भी बीजेपी के लिए इमोशनल मुद्दा होने के सवाल पर मोदी ने कहा, ‘हमने अपने मेनिफेस्टो में हमने कहा था कि इस मसले का समाधान संवैधानिक तरीके से किया जाएगा।’ बीजेपी ने लोकसभा चुनाव के अपने घोषणापत्र में कहा था कि वह अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण चाहती है।
वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी के दो साल बाद उठ रहे सवालों पर सफाई दी है। प्रधानमंत्री मोदी ने नोटबंदी को झटका मानने से इनकार करते हुए कहा है कि हमने काला धन जमा करने वालों को एक साल पहले ही चेता दिया था कि अगर उनके पास अवैध रूप से धन जमा है तो वे जुर्माना देकर उसे जमा कर सकते हैं और माफी पा सकते हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि हमने लोगों को पहले ही आगाह किया हुआ था। लेकिन लोगों को लगा कि मोदी भी दूसरे नेताओं की तरह ही हैं इसलिए बहुत कम लोग ही स्वैच्छिक रूप से अपने जमा पैसों का खुलासा करने आगे आए।
मोदी ने कहा कि ये सच्चाई है कि उन्हें जिन्हें देश का पहला परिवार कहा जाता है, जिनकी चार पीढ़ियों ने देश को चलाया और जो आज वित्तीय अनियमितताओं को लेकर जमानत पर हैं। वे और उनकी सेवा में लगे लोग ही इस तरह की सूचना फैलाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि नोटबंदी के खिलाफ माहौल बनाया जा सके।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह एक तथ्य है कि जो परिवार को पहले मानते हैं, जिन्होंने 4 पीढ़ियों तक देश चलाया, जो जमानत पर बाहर हैं और वो भी वित्तीय अनियमितताओं के मामले में, यह एक बड़ी बात है, जो लोग उनकी सेवा में हैं वे इन बातों को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं।
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