जालंधर : एलपीयू में भंगड़ा डांस के लिए वर्ल्ड रिकार्ड स्थापित

जालंधर, (PNL) : लवली प्रोफैशनल यूनिवर्सिटी में आज गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड स्थापित किया गया। इसके प्रति प्रयास करते हुए एलपीयू में ही पढ़ रहे २९ भारतीय राज्यों व विभिन्न देशों के राष्ट्रीय व अंर्तराष्ट्रीय विद्यार्थियों में से ४४११ उत्साही विद्यार्थियों ने मिलकर भंगड़ा डाला। पंजाब दिवस पर अविश्वसनीय उत्साह दिखाते हुए भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों ने लगातार भंगड़ा के ७ विभिन्न स्टैपस पर आकर्षक भंगड़ा डाला और इस समय सभी ने परंपरागत पंजाबी पोशाक, लड़कों के लिए कुड़ता-पजामा तथा लड़कियों के लिए दुप्पटे के साथ सूट-सलवार, पहनी हुईं थीं।
भंगड़े के लिए भव्य प्रदर्र्शन कई ढोलों की थापों, बाँसुरी-चिमटे के सुरों सहित १३ अन्य पंजाबी फॉक डांस मयूजिकल वाद्य यंत्रों के बीच लोक-गायक व गायिकाओं की स्वर लहरियों के साथ हुआ। इंगलैंड के ‘ढोल किंग गुरचरण मल्ल, जिनका नाम विश्व के सुप्रसिद्ध ढोल-बाजों में अंकित है, ने इस विश्व रिकॉर्ड इवैंट की संरचना की थी। इस अवसर पर विश्व के विभिन्न भागों से भंगड़ा प्रेमियों ने भी यूनिवर्सिटी के बलदेव राज मित्तल यूनि पोलिस ऑडीटोरियम में आयोजित इस इवैंट में शिरकत की।
एलपीयू में बनाए गए इस रिकॉर्ड ने वर्ष २०११ में बनाए गए गिनीज वल्र्ड रिकॉर्ड को पार कर लिया है जहां केवल २१०० लोगों ने भंगड़े के लिए सामूहिक प्रदर्शन किया था। इससे पहले भी वर्ष २०१२ में विदेशी जमीन पर इस तरह का विशाल प्रदर्शन किया गया था जो विश्व रिकॉर्ड बनाने में असफल रहा था। इस विशालतम इवैंट को समुचित रूप से चलाने के लिए यूनिवर्सिटी के विभिन्न विभागों तथा विद्यार्थी संगठनों से ३५ कल्चरल को-आर्डिनेटरस ने दिन-रात मेहनत की जिसमें उनका साथ १०० से अधिक स्टूडैंट वालंटियर्स ने दिया। यूनिपोलिस के फर्श पर ३३ खानों को अंकित किया गया था जिसमें भंगड़ा डालने वाले विद्यार्थियों ने अनुशासित रहते हुए आकर्षक प्रदर्शन किया।
इवैंट को सुचारू रूप से चलाने वाली सभी टीमों के सदस्यों को बधाई देते हुए एलपीयू के चांसलर श्री अशोक मित्तल ने सांझा किया कि इस इवैंट ने वास्तव में देश-विदेश में पंजाबी संस्कृति की अनुपम पहचान को उजागर किया है जिसके प्रति सभी क्षेत्रों के लोगों ने मिलकर भव्य प्रदर्शन किया। इस इवैंट को देखने के लिए अमरीका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया आदि से कई विदेशी भी विशेष रूप से एलपीयू कैंपस में मौजूद थे। इस अवसर पर गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड की ओर से स्वपनिल डांग्रिकल ने जज की भूमिका निभाई।
इवैंट के चीफ को-आर्डिनेटर व इंगलैंड की वल्र्ड भंगड़ा एसोसिएशन के हैड स. तरलोचन सिंह बिलगा ने सूचित किया कि इस इवैंट का आयोजन विशेष तौर पर प्रथम नवंबर को मनाए जाने वाले पंजाब दिवस के अवसर पर किया गया। मास्टर ढोली मल्ल ने भी इवैंट के सफल आयोजन पर अत्याधिक प्रसन्नता जताई कयोंकि विश्व में गिनीज वल्र्ड रिकॉर्ड को सर्वाधिक रूप से मान्यता प्राप्त है। भाग लेने वाले कुछ विद्यार्थियों अश्मा, सागरिका, अहसान, रॉबर्ट आदि ने सांझा किया-‘हम सभी विद्यार्थी यूनिवर्सिटी में आयोजित हुए रिकॉर्ड बनाने वाले इस ऐतिहासिक इवैंट में भाग लेकर अत्यंत प्रसन्न हैं। रिकॉर्ड बनाना हम सबके लिए एक यादगार लमहा है जिसे हम उम्र भर याद रखेंगे कि हम भी इसके एक अहम भाग थे।Ó
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