करतारपुर कॉरिडोर के लिए पासपोर्ट जरुरी न करे पाकिस्तान, कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उठाई मांग

नई दिल्ली, (PNL) : पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने करतारपुर कॉरिडोर पर भारत और पाकिस्‍तान के शिष्‍टमंडलों की पहली बैठक में पाकिस्‍तान के रवैये को अपर्याप्‍त बताया है। अमरिंदर सिंह ने कहा कि करतारपुर कॉरिडोर पर पाकिस्तान दोहरा रवैया रखेगा ये तो हमें पता ही है। हमारे लिए करतारपुर कॉरिडोर एक धार्मिक मसला है जबकि उनके लिए खालिस्तान और भारत विरोधी सोच फैलाने का जरिया। लेकिन हमें उम्मीद है कि हमारी सुरक्षा एजेंसियां इस से डील कर लेंगी।
अमरिंदर सिंह ने कहा कि पाकिस्तान सिर्फ 500 लोगों को कोरिडोर के माध्यम से दर्शन करने देने की बात कर रहा है लेकिन हम मांग करते हैं कि कम से कम 15000 श्रद्धालुओं को रोजाना इस कॉरिडोर के माध्यम से करतारपुर गुरुद्वारे के दर्शन करने की परमिशन पाकिस्तान की ओर से दी जानी चाहिए।
साथ ही पंजाब में कई ऐसे बुजुर्ग और गरीब लोग हैं जिनके पास पासपोर्ट नहीं है इसीलिए करतारपुर कॉरिडोर को वीजा फ्री रखा जाना चाहिए और कोई भी आईडी प्रूफ जैसे आधार कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस दिखा कर श्रद्धालु इस कॉरिडोर के माध्यम से गुरुद्वारे तक जा सके ऐसी व्यवस्था पाकिस्तान को करनी चाहिए। हमें उम्मीद है कि भारत सरकार इसको लेकर अपना पक्ष मजबूती के साथ रखेगी। अगर भारत की सुरक्षा और वहां जाने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा की बात है तो मुझे उम्मीद है कि भारत की सुरक्षा एजेंसियां इस पर ठोस काम करेंगी।
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक के राजनीतिक इस्तेमाल किए जाने के सवाल पर कहा कि एयर स्ट्राइक और सर्जिकल स्ट्राइक करके इस सरकार ने कोई अलग और बड़ा काम नहीं किया है। ये सरकार की ड्यूटी है जिस तरह से पुलवामा में आतंकी हमले में हमारे जवान मारे गए थे उसके बाद आतंकियों के खिलाफ कार्यवाही करना केंद्र सरकार की ड्यूटी है ऐसा करके उन्होंने कोई बड़ा तीर नहीं मार लिया है।
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