गोविंदा पर बरसे कादर खान के बेटे सरफराज, बोले-फोन करके अफसोस तक नहीं किया, इंडस्ट्री की रियल फीलिंग नहीं रही

मुंबई, (PNL) : मशहूर एक्टर कादर खान ने सोमवार को कनाडा में अंतिम सांस ली. बीती रात कनाडा के Mississauga में कादर खान की बॉडी को सुपुर्द-ए-ख़ाक किया गया. एक्टर के बेटे सरफराज फिल्म इंडस्ट्री के लोगों से बेहद निराश हैं. सरफराज ने इंडस्ट्री के लोगों को बेरहम बताया है. उनका मानना है कि कनाडा जाने के बाद फिल्म इंडस्ट्री के लोगों ने उनके पिता को नजरअंदाज कर दिया था.
कादर खान के निधन के बाद फिल्म जगत के कई सारे लोगों ने उनके बेटों को कनाडा में फोन तक नहीं किया. जिसकी वजह से सरफराज आहत हैं. उन्होंने कहा- ”मेरे पिता फिल्म इंडस्ट्री के कई सारे लोगों के करीब थे. लेकिन वे बच्चन साहब को सबसे ज्यादा प्यार करते थे. जब भी मैं पिता से पूछता था कि वे इंडस्ट्री से किसे सबसे ज्यादा मिस करते हैं? वे तुरंत बच्चन साहब का नाम लेते थे. ये प्यार दोनों की तरफ से था.”
बकौल सरफराज, ”मैं बच्चन साहब को बताना चाहता हूं कि मेरे पिता आखिरी समय तक उनकी बात करते थे.” कादर खान के निधन पर गोविंदा ने दुख जताते हुए कहा था कि वे उनके उस्ताद ही नहीं बल्कि पिता समान थे. इस पर सरफराज खान ने गोविंदा को आड़े हाथ लिया है.
उन्होंने हंसते हुए कहा- ”कृपया गोविंदा से पूछे कि कितनी बार उन्होंने मेरे पिता की सेहत के बारे में पूछा था. क्या उन्होंने पिता के निधन के बाद एक भी बार हमें फोन करने की जहमत की? फिल्म इंडस्ट्री अब ऐसी बन चुकी है. यहां उनके लिए कोई रियल फीलिंग नहीं है जिन्होंने भारतीय सिनेमा में योगदान दिया हो. टॉप एक्टर्स को रिटायर्ड दिग्गजों के साथ तस्वीरों में देखा जाता है. लेकिन ये प्यार सिर्फ तस्वीरों तक ही सीमित रहता है. इससे ज्यादा कुछ नहीं. ध्यान दें कि ललिता पवार जी और मोहन छोटीजी की किस हालात में मृत्यु हुई थी.”
सरफराज ने कहा, ”खुशकिस्मती से मेरे पिता की देखभाल करने के लिए तीन बेटे थे. उन लोगों का क्या जो बिना किसी फाइनेंसियल और इमोशनल सपोर्ट के मर जाते हैं. जिस वक्त मेरे पिता का निधन हुआ उनके चेहरे पर मुस्कान थी. उस स्माइल को मैं दुनिया में सबसे ज्यादा अहमियत देता हूं. उनके आखिरी साल काफी दर्द में बीते. ”
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