बड़ी खबर : जलियांवाला बाग घटना को लेकर ब्रिटेन ने मांगी माफी, उच्‍चायुक्‍त ने लिखा-शर्मनाक घटना थी

नई दिल्ली, (PNL) : जलियांवाला बाग नरसंहार की 100वीं बरसी पर ब्रिटिश सरकार ने एक बार फिर माफी मांगी है और इसे शर्मनाक घटना करार दिया है। भारत में ब्रिटिश उच्‍चाुयक्‍त डोमिनक एक्‍यूथ ने कहा कि 100 साल पहले हुई यह घटना एक बड़ी त्रासदी थी। यहां जो भी हुआ उसका हमें हमेशा खेद रहा है। यह बेहद शर्मनाक था।
तीन दिन पहले ब्रिटिश सरकार ने इस नससंहार के लिए माफी मांगी थी। ब्रिटिश संसद में प्रधानमंत्री ने दुखद कांड पर खेद व्यक्त कर चुके हैं। उन्‍होंने लिया कि हम इतिहास को दोबारा नहीं लिख सकते। उच्‍चायुक्‍त ने जलियांवाला बाग केविजिटर बुक पर लिखा हम भारत और ब्रिटेन के बीच मजबूत रिलेशनशिप चाहते हैं। 2014 में जब डेविड कैमरून जलियांवाला बाग आए थे उन्होंने भी खूनी का खूनी कांड को शर्मनाक बताया था।
बता दें कि अमृतसर के जलियांवाला बाग के नरसंहार कांड के आज यानी शनिवार को 100 साल पूरे हुए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने ट्ववीट कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर वहां एक खास कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अमृतसर पहुंचे। राहुल ने शनिवार सुबह 8 बजे शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
इससे पहले शुक्रवार देर रात अमृतसर पहुंचे राहुल गांधी ने श्री अकाल तख्त गोल्डन टैम्पल में माथा टेका। इस दौरान उनके साथ पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह भी मौजूद रहे। शनिवार को जलियांवाला बाग के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए शताब्दी समारोह का आयोजन किया जा रहा है।
क्या है जलियांवाला बाग हत्याकांड
देश की आजादी के इतिहास में 13 अप्रैल का दिन एक दुखद घटना के साथ दर्ज है। वह साल 1919 का 13 अप्रैल का दिन था, जब जलियांवाला बाग में एक शांतिपूर्ण सभा के लिए जमा हुए हजारों भारतीयों पर अंग्रेज हुक्मरान ने अंधाधुंध गोलियां बरसाई थीं। उस दिन बैसाखी थी. एक बाग़ में करीब 15 से बीस हज़ार हिंदुस्तानी इकट्ठा थे। सब बेहद शांति के साथ सभा कर रहे थे। ये सभा पंजाब के दो लोकप्रिय नेताओं की गिरफ्तारी और रोलेट एक्ट के विरोध में रखी गई थी. पर इससे दो दिन पहले अमृतसर और पंजाब में ऐसा कुछ हुआ था, जिससे ब्रिटिश सरकार गुस्से में थी।
इसी गुस्से में ब्रिटिश सरकार ने अपने जल्लाद अफसर जनरल डायर को अमृतसर भेज दिय़ा। जनरल डायर 90 सैनिकों को लेकर शाम करीब चार बजे जलियांवाला बाग पहुंचता है। डायर ने सभा कर रहे लोगों पर गोली चलवा दी। बताते हैं कि 120 लाशें तो सिर्फ उस कुएं से बाहर निकाली गई थी जिस कुएं में लोग जान बचाने के लिए कूदे थे। कहते ये भी हैं कि करीब दस मिनट में 1650 राउंड गोलियां चलाने के बाद जनरल डायर इसलिए रुक गया था क्योंकि उसके सैनिकों की गोलियां खत्म हो गई थीं। अंग्रेजों के आंकड़े बताते हैं कि जलियांवाला बाग कांड में 379 लोग मारे गए थे।
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