इंडोनेशिया प्लेन हादसे में सब यात्री मारे गए, लेकिन इस भाग्यशाली शख्स की बची जान, पढ़ें कैसे

नई दिल्ली, (PNL) : इंडोनेशिया की लॉयन एयरलाइन का विमान सोमवार सुबह क्रैश हो गया। इस हादसे में विमान में सवार सभी 189 यात्रियों और क्रू मेंबर्स के साथ सभी के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है। जकार्ता से उड़ान भरने के 13 मिनट बाद ही विमान क्रैश हो गया। लेकिन जाको राखे साइयां मार सके ना कोई इस विमान हादसे के बाद भी यह दोहा चरित्रार्थ होता दिखाई दे रहा है। ऐसा ही सेतियावान के साथ हुआ। ट्रैफिक जाम में फंस कर उनकी फ्लाइट मिस हो गई।
बोइंग में इंडोनेशिया की फाइनैंस मिनिस्ट्री के करीब 20 कर्मचारी भी सवार थे। इनमें आधा दर्जन सेतियावान के सहयोगी थे। सोनी सेतियावान ने एएफपी से बात करते हुए बताया कि मैं जानता हूं कि मेरे दोस्त उस फ्लाइट में थे। फ्लाइट मिस होने के बाद सेतियावान दूसरी फ्लाइट से पंगकल पिनॉन्ग एयरपोर्ट पर पहुंचे तो उन्हें इस हादसे की जानकारी मिली।
इंडोनेशिया का लॉयन एयर विमान सोमवार को जकार्ता से उड़ान भरने के कुछ मिनटों बाद ही क्रैश हो गया। विमान जेटी-610 जकार्ता से पंगकल पिनॉन्ग जा रहा था। टेक ऑफ के 13 मिनट बाद ही विमान का संपर्क टूट गया था। बताया जा रहा है कि संपर्क टूटने से पहले पायलट ने प्लेन की वापसी का सिग्नल दिया था।
सेतियावान ने एक मीडिया को बताया कि सामान्य रूप से वह और उनके साथी इसी फ्लाइट (JT610) को ही लेते थे। उन्होंने कहा कि पता नहीं सोमवार को टोल रोड पर ट्रैफिक इतना बुरा क्यों था। अक्सर वह जकार्ता सुबह 3 बजे तक पहुंच जाते हैं, लेकिन हादसे के दिन वह सुबह 6:20 पर पहुंचे और उनकी फ्लाइट मिस हो गई। लॉयन एयर के मुताबिक इस फ्लाइट को एक घंटे 10 मिनट में पंगकल पिनॉन्ग पहुंचना था।
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