मैटरनिटी लीव लेने पर सरकार देगी सात हफ्तों की तनख्वाह, मोदी सरकार का बड़ा फैसला

नई दिल्ली, (PNL) : मैटरनिटी लीव पर गई महिला की 26 में से 7 हफ्ते की तनख्वाह का भुगतान सरकार करेगी। ये भुगतान सरकार की तरफ से महिला की कंपनी को किया जाएगा। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने गुरुवार को इसकी घोषणा की। इसका उद्देश्य ये सुनिश्चित करना है कि कंपनी की तरफ से गर्भवती महिला को छुट्‌टी देने में कोताही न बरती जाए। साथ ही कंपनियां भी वित्तीय नुकसान की चिंता छोड़ सकें। हालांकि, सरकार उन्हीं महिलाओं की छुट्‌टी पर कंपनी को भुगतान करेगी, जिनकी मासिक तनख्वाह 15 हजार रुपए से ज्यादा हो। ये नियम प्राइवेट और सरकारी दोनों कंपनियों के लिए है।
निजी क्षेत्र में काम करने वाली महिलाएं भी दायरे में आएंगी
ऐसी भी शिकायतें आ रही थी कि कुछ कंपनियां तो गर्भवती महिलाओं को नौकरी से भी निकाल रही हैं. सरकारी और निजी दोनों ही क्षेत्र में काम करने वाली महिलाएं सरकार की इस घोषणा के दायरे में आएंगी। महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव राकेश श्रीवास्तव ने कहा कि यह फैसला किया गया है कि श्रम कल्याण उपकर के पड़े धन का उपयोग नियोक्ताओं को देने में किया जाएगा।
15 हजार से अधिक वेतन वाली महिलाओं के लिए सुविधा
श्रीवास्तव ने कहा कि राज्य सरकारों के पास पड़े श्रमिक कल्याण उपकर के पैसे का उपयोग बहुत कम हो रहा है। लेबर मिनिस्ट्री से बातचीत के बाद यह निर्णय लिया गया है कि 26 हफ्तों में से 7 हफ्ते के वेतन की राशि नियोक्ताओं को दी जाएगी। श्रीवास्तव ने कहा कि 15 हजार रुपये मासिक से अधिक वेतन पाने वाली महिलाओं के अवकाश के लिए सरकार की ओर से भुगतान किया जाएगा।
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