पंजाब और विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा 2020 तक मलेरिया के खात्मे के लिए रणनीतिक योजना की शुरूआत

चंडीगढ़, (PNL) : पंजाब सरकार ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के सहयोग से 2020 तक राज्य में से मलेरिया के ख़ात्मे के लिए आज माईक्रो रणनीतिक योजना की शुरुआत की है। विश्व स्वास्थ्य संगठन निश्चित लक्ष्य की प्राप्ति के लिए राज्य को तकनीकी समर्थन देगी।
मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री, पंजाब श्री ब्रह्म मोहिंद्रा ने कहा कि पंजाब देश का पहला राज्या बन गया है जहां मलेरिया के ख़ात्मे के लिए सरकार को विश्व स्वास्थ्य संगठन का समर्थन मिलेगा। उन्होंने कहा कि मलेरिये के मामलों में भारत का विश्व में तीसरा स्थान पर है जबकि पूरे देश के मलेरिये के मामलों में से सिफऱ् 0.1 प्रतिशत ही मामले पंजाब में दर्ज किये गए हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले साल से मलेरिये के मामलों में कमी आई है परन्तु मलेरिये के मामलों का एक तिहाई हिस्सा प्रवासी लोगों से रिपोर्ट किया गया है। उन्होंने कहा कि पंजाब राज्य माईक्रो स्तर पर सर्वेक्षण के लिए वचनबद्ध है जिसके अंतर्गत मलेरिये के हरेक केस की जांच की जायेगी और मलेरिये के आगे फैलने से रोकने के लिए उचित प्रयास किये जाएंगे।
श्री मोहिंद्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व अधीन पंजाब सरकार ने मिशन तंदुरुस्त की शुरुआत की है और नशा छुड़ाओ मुहिम के लिए उपयुक्त बुनियादी ढांचा स्थापित किया है। उन्होंने विश्व स्वास्थ्य संगठन को यह भरोसा दिलाया कि पंजाब सरकार इस संबंध में जारी दिशा-निर्देशों पर पूरी तरह अमल करेगी और पंजाब देश के दूसरे राज्यों के लिए एक मॉडल राज्य के तौर पर उभरेगा। उन्होंने डॉ. हैंक बैकदम, विश्व स्वास्थ्य संगठन (भारत के प्रतिनिधि) का भी धन्यवाद किया जिन्होंने मलेरिये के खात्मे के लिए पंजाब को पहल के आधार पर चुना है।
डा. हैंक बैकदम ने कहा कि पंजाब भारत के 15 लोअ ट्रांसमिशन राज्यों में से एक है, जहां भारत के बाकी हिस्सों के मुकाबले सिफऱ् 0.1 प्रतिशत मलेरिये के केस दर्ज किये गए हैं। उन्होंने कहा कि यहां मलेरिये की रोकथाम के लिए भाईचारे और आम लोगों के सम्मिलन की ज़रूरत है और उनको आशा है कि पंजाब 2020 तक मलेरिये को ख़त्म करने के लक्ष्य पर खरा उतरने वाला देश का पहला राज्य होगा।
अतिरिक्त मुख्य सचिव, स्वास्थ्य श्री सतीश चंद्रा ने कहा कि जिला स्तरीय निरीक्षण टीमों को इस रणनीतिक योजना के अंतर्गत विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में स्टेट टास्क फोर्स मलेरिया के हरेक दर्ज केस की जांच करेगी जिससे मलेरिये के मामलों को जड़ से खत्म किया जा सके।
उन्होंने कहा कि पीडि़त मरीज़ को तुरंत इलाज मुहैया करवाया जायेगा। मीटिंग में दूसरो के अलावा मिशन डायरैक्टर एन.एच.एम. श्री अमित कुमार, अतिरिक्त डायरैक्टर एन.वी.बी.डी.सी.पी., भारत सरकार डॉ. नीरज ढींगढ़ा, डा. निकोल सीगाए, टीम नेता कम्यूनीकेबल डिसीजिज़ (डबल्यू.एच.ओ.), डॉ. रूप कुमारी एन.पी.ओ. (डबल्यू.एच.ओ.), डॉ. जसपाल कौर डायरैक्टर सेहत सेवाएंं पंजाब, डा.गगनदीप सिंह ग्रोवर, राज्य प्रोग्राम अफ़सर एन.वी.बी.डी.सी.पी. और अन्य सीनियर अधिकारी शामिल थे।
Please follow and like us:
error: Content is protected !!