जालंधर-अमृतसर के ट्रस्ट दफ्तरों में हुआ 500 करोड़ रुपए का घोटाला : सिद्धू

जालंधर, (PNL) : स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने जालंधर में प्रैस वार्ता करके अकाली-भाजपा सरकार के समय हुए बड़े घोटाले का खुलासा किया है। जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट में छापा मारने के बाद सिद्धू ने खुलासा किया कि जालंधर और अमृतसर ट्रस्ट में करीब 500 करोड़ रुपए का घोटाला हुआ है। उनके मुताबिक करीब 200 करोड़ का घोटाला जालंधर में ही हुआ है। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षो के दौरान शिरोमणि अकाली दल-बीजेपी के शासन दौरान नगर निगमों और सुधार ट्रस्ट इन नगर निकायों का भ्रष्टाचार की गढ बन गये थे, जहां अनियमितताएं और घोटाले दिनचार्य थे।
उन्होंने कहा कि नगर निकायों द्वारा कैश बुकों को रोजाना ना जमा कराने की बजाए सप्ताहिक और मासिक तौर पर जारी की जाती हैं। सिद्धू ने कहा कि इन शहरों में प्रमुख संपतियों को या तो अतिक्रमण करने की अनुमति दी गई थी या बिना किसी उचित समझौते के कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए पट्टे पर दिया गया था।
उन्होने कहा कि सबसे बडी धोखाधडी समृद्ध लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए राज्य सरकार द्वारा सीमांकन की गलत व्याख्या थी। उन्होंने कहा कि ना केवल गलत दरों को लागू किया गया था बल्कि कुछ लोगों को अधिक क्षेत्र के प्लाट(भूमि) आवंटित किए गये थे। एक चौंकाने वाला रहस्योद्घाटन करते हुए सिद्धू ने यह भी कहा कि यहां तक कि अधिकारियों ने भी खाली टिकटों वाले पेपरों पर हस्ताक्षर किए और कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए बैंकों में जमा कर दिया।
भविष्य में ऐसी विसंगतियों की जांच में राज्य सरकार द्वारा शुरू किए जाने वाले उपायों के बारे में मंत्री ने कहा कि ई-शासन इसके लिए अंतिम समाधान था। उन्होंने कहा कि राज्य की सभी इमारतों का पूरा मैपिंग रिकार्ड है और कहा कि सभी सरकारी संपतियों को जल्द ही कंप्यूटरीकृत किया जाएगा।
उन्होने आगे कहा कि विभाग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि आगामी मार्च तक ६० सेवाएं ऑनलाइन की गईं ताकि एक पारदर्शी और कुशल तंत्र विकसित किया जा सके। इसी प्रकार, उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में राज्य के सभी नगर निकायों का लेखापरीक्षा आयोजित की जाएगी। सिद्धू ने कहा कि घर को व्यवस्थित करने के लिए उचित ध्यान दिया जा रहा था ताकि करदाताओं के पैसे का उचित रूप से शहरों और कस्बों के विकास के लिए उपयोग किया जा सके।
इस अवसर पर विधायक परगट सिंह, राजिंदर बेरी और बावा हेनरी, मेयर जगदीश राज राजा, निर्देशक स्थानीय सरकार कर्णेश शर्मा, नगर निगम कमिश्नर दीपरवा लाकरा, सहायक आयुक्त सुश्री आशिका जैन और अन्य उपस्थित थे।
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