2019 में नहीं पड़ सकेंगी फर्जी वोटें, चुनाव आयोग ने बनाई जबरदस्त प्लानिंग, पढ़ें

नई दिल्ली, (PNL) : अगर आपकी उम्र 18 साल से ज्यादा है और आप वोट डालते हैं तो ये खबर आपके लिए उपयोगी साबित हो सकती है। जी हां, बता दें कि चुनाव आयोग जल्द ही आधार और वोटर आईडी को जोड़ने की योजना बना रहा है। जिसे लेकर कानूनी तौर पर जरूरी बनाने को लेकर कयावद चल रही है। इसके लिए कानून में संशोधन करना होगा।
मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से आ रही खबरों के मुताबिक निर्वाचन आयोग ने रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपुल एक्ट 1951 में संशोधन का प्रस्ताव किया है। इसके तहत वोटर आईडी को 12 डिजिट के आधार नंबर से जोड़ना जरूरी किया जाएगा। इसमें लोगों की प्राइवेसी का पूरा ख्याल रखा जाएगा।इतना ही नहीं आपोक बता दें कि इसके जरिए फर्जी मतदाताओं पर रोक लगेगी।
इस पर चुनाव आयोग कानून मंत्रालय को जल्द ही प्रस्ताव भेजने वाला है। इससे पहले आधार को वोटर आईडी से जोड़ना जरूरी नहीं था। तब मार्च 2015 तक चुनाव आयोग ने करीब 38 करोड़ मतदाताओं के आधार वोटर आईडी से लिंक कर दिए। भारत में अभी करीब 75 करोड़ मतदाता हैं। इसका अर्थ है अभी भी 37 करोड़ मतदाताओं का आधार वोटर आईडी से लिंक नहीं हुआ है। गौरतलब है कि इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त 2015 में आधार पर फैसला दिया इसके बाद चुनाव आयोग ने आधार और वोटर आईडी का लिंकेज रोक दिया।
2017 में चुनाव आयोग ने फिर सुप्रीम कोर्ट में इसके लिंकेज की मंजूरी के लिए अर्जी दी। इस कदम में सुप्रीम कोर्ट के हाल ही में दिए फैसले का ध्यान रखा जाएगा। 26 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया था कि बिना किसी कानूनी आधार के कुछ सेवाओं को आधार के साथ नहीं जोड़ा जा सकता है। इस मुद्दे पर चुनाव आयोग ने आधार जारी करने वाली अथॉरिटी UIDAI से भी मंजूरी मांगी है। अगर ऐसा होता है तो फर्जी मतदाताओं पर बहुत हद तक रोक लग जाएगी। आधार पैन कार्ड और बैंक अकाउंट से भी लिंक है। कुछ भी गड़बड़ी होने पर एक क्लिक में सब पता चल जाएगा।
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