जालंधर : सीटी इंस्टीट्यूट में भी धमाका कर सकते थे छात्रों के लिबास में बैठे आतंकी, प्रबंधन ने पांच हजार छात्रों की जान भी खतरे में डाली

संदीप साही
जालंधर, (PNL) : शाहपुर कैंपस स्थित सीटी इंस्टीट्यूट में आज बड़ी लापरवाही का खुलासा हुआ है। कैंपस के अंदर से एक एके-47, दो पिस्तौलें और विस्फोटक पदार्थ बरामद हुआ है और छात्रों के लिबास में बैठे तीन आतंकी पकड़े गए हैं। इस पूरे मामले में सीटी इंस्टीट्यूट के प्रबंधन की घोर लापरवाही नजर आई है। हैरानी वाली बात ये है कि कैंपस के अंदर जाने से पहले किसी छात्र की चेकिंग नहीं होती थी। यही एक वजह रही कि आतंकी सरेआम अंदर हथियार और विस्फोटक सामान लेकर बैठे रहे। वह चाहते तो किसी छात्र पर भी हमला कर सकते थे।
सीटी इंस्टीट्यूट में करीब पांच हजार छात्र पढ़ते हैं। प्रबंधन ने उन सभी बच्चों की जान खतरे में डाल दी। अगर ये आतंकी चाहते तो इंस्टीट्यूट को धमाके से उड़ा भी सकते थे, लेकिन नियमों की पालना न करने वाले सीटी इंस्टीट्यूट के प्रबंधन ने इस तरफ गंभीरता से ध्यान नहीं दिया। प्रैस वार्ता में पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने एक सवाल के जवाब में कहा कि कैंपस की लापरवाही की भी जांच की जाएगी।
चेयरमैन चन्नी ने दिया हास्यपद बयान
हैरानी तो इस बात की भी कि चेयरमैन चरणजीत सिंह चन्नी ने जारी की प्रैस रीलिज में हास्यपद बयान दिया। चन्नी बोले कि प्राइवेसी के कारण हरेक छात्र के बैग की चेकिंग नहीं की जा सकती। साथ ही हम किसी को संदिग्ध समझकर चेक नहीं कर सकते। हालांकि सवाल ये है कि अगर कैंपस के अंदर विस्फोटक सामग्री और एके-47 मौजूद है तो ऐसे में प्राइवेसी से जरुरी छात्रों की सुरक्षा है।
उच्च स्तर पर जोर डलवाते रहा प्रबंधक, पर नहीं सुनी गई
सूत्र बता रहे हैं कि रेड के बाद से सीटी इंस्टीट्यूट प्रबंधन पंजाब पुलिस पर अपना जोर डलवाता रहा। प्रबंधक चाहता था कि पुलिस इस बात का खुलासा न करे कि विस्फोटक सामग्री अंदर से मिली है, लेकिन उनकी एक न सुनी गई। पता चला है कि ये पूरा मामला जेएंडके और पंजाब पुलिस के उच्च स्तर के अधिकारियों के ध्यान में था। ऐसे में इस मामले में किसी तरह की लापरवाही नहीं की जा सकती थी।
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