जालंधर : कोबरा गैंग का मुखिया गैंगस्टर इकबाल सिंह अफरीदी अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार

जालंधर, (PNL) : काउंटर इंटेलीजेंस विंग जालंधर ने ग्रामीण पुलिस जालंधर के साथ मिल कर आज कुख्यात कोबरा गैंग के मुखिया, गैंगस्टर इकबाल सिंह अफरीदी को अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान इकबाल सिंह @ अफरीदी (32) पुत्र दिलशाद सिंह निवासी गांव फतेहाबाद, खंडूर साहिब, तरनतारन के रूप में हुई है।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एआईजी काउंटर इंटेलिजेंस हरकमलप्रीत सिंह खख ने कहा कि इकबाल अफरीदी माझा क्षेत्र का एक कुख्यात गैंगस्टर है और वह फतेहाबाद कस्बे में एक महिला के कपड़े फाड़ कर बेइज्जत करने, गोइंदवाल साहिब क्षेत्र में हुई गैंगवार जिसमें चार व्यक्ति मारे गए थे और पिछले साल के दौरान दर्ज कई अन्य केसों में पुलिस को वांटेड था।
आज पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस विंग को अपने एक विश्वसनीय स्रोत से गुप्त सूचना प्राप्त हुई के फरार गैंगस्टर इकबाल सिंह अफरीदी अपनी टोयोटा कोरोला कार में जालंधर इलाके में मौजूद है और वह यहां किसी घटना को अंजाम देने आया हो सकता है।
पुलिस स्रोत द्वारा प्रदान की गई जानकारी के महत्व को देखते हुए, एआईजी खख ने तुरंत एसएसपी जालंधर ग्रामीण श्री नवजोत सिंह माहल जी के साथ इस जानकारी को सांझा किया और काउंटर इंटेलिजेंस जालंधर तथा पुलिस थाना मकसूदां के अधिकारियों की एक संयुक्त टीम बना कर गैंगस्टरों को गिरफ्तार करने के लिए रवाना किया। चेकिंग के दौरान टीम ने संदिग्ध कार को रोका और अवैध हथियारों के साथ गैंगस्टर को गिरफ्तार कर लिया।
उन्होंने आगे कहा कि गिरफ्तार गैंगस्टर की प्रारंभिक पूछताछ के दौरान, अफरीदी ने खुलासा किया कि वह अपने आपराधिक जीवन के पिछले 15 वर्षों के दौरान 20 से अधिक मामलों में शामिल रहा था। विवरणों को विभाजित करते हुए एआईजी हरकमलप्रीत सिंह खख ने कहा कि अफरीदी एक कॉलेज ड्रॉपआउट है और पढ़ाई छोड़ने के बाद उस ने कोबरा गैंग नाम से अपना सशस्त्र गिरोह बनाया जो जबरन वसूली, हत्या और हत्या के प्रयास के कई मामलों में शामिल रहा।
इस से पहले भी अफरीदी को विभिन्न थानों की पुलिस ने तीन बार गिरफ्तार कर जेल में भेजा था, पहली बार 2006 में, दूसरी बार 2012 में और तीसरी बार 2016 में। वर्ष 2007 में जब उसे कानूनी कार्यवाही के लिए तरनतारन कोर्ट ले जाया गया, तो उसने पुलिस हिरासत से भागने की असफल कोशिश की लेकिन दुसरी बार फिर 2009 में वह पुलिस हिरासत में से भागने में सफल रहा था।
एआईजी श्री खख ने आगे कहा कि, अफरीदी को आखिरी बार 2016 में मोहाली पुलिस ने गिरफ्तार किया था और जनवरी 2017 में जमानत पर बाहर आया था, लेकिन जेल से बाहर आने के बाद उसने अपनी आपराधिक गतिविधियों को नहीं रोका। उसे कुछ मामलों अदालत द्वारा बघोढ़ा भी घोषित किया गया है।
उन्होंने मीडिया को आगे बताया कि 2018 में 3 फरवरी को, गैंगस्टर अफरीदी और उसके तीन सहयोगियों ने फतेहाबाद में एक झगड़े के दौरान महिला के कपड़े फाड़ कर बेइजती करने का प्रयास किया। उस औरत के पति की शिकायत पर भारतीय दंड संहिता की धारा 452, 323, 354-बी, 506 और 34 और असला एक्ट की धारा 25, 54 और 59 के तहत मामला दर्ज किया गया था।
पीड़ित दंपति अपने घर में गली की तरफ एक गेट बनवाना चाहते थे। गुस्से में आरोपी पीड़ित के घर गया और उसने उस औरत के पति पर हमला कर दिया। जब पीड़ित अपने पति का बचाव करने में आई, तो आरोपी ने कथित तौर पर उसके कपड़े फाड़ने की कोशिश की।
2018 के अगस्त में, गोइंदवाल साहिब में, एक पुरानी दुश्मनी में दो समूहों के बीच एक गैंगवार हुआ था। गैंगवार में तीन गैंगस्टरों और एक रिक्शा चालक की मौत हो गई थी। उन मृतकों में से एक, गैंगस्टर साहिलप्रीत और एक गैंगस्टर प्रभजीत मल्ही जो अभी भी फरार है, वह दोनों गांव हंसवाला के निवासी है, अपने गांव से पंचायत चुनाव लड़ना चाहते थे और एक दूसरे के विरोधी थे।
प्रभजीत को इकबाल अफरीदी का समर्थन प्राप्त था क्योंकि अफरीदी कुछ पुरानी दुश्मनी के कारण साहिल मल्ली के खिलाफ था । प्रभजीत मल्ली अफरीदी ओर कुछ अन्य साथियों के साथ गुरुद्वारा बाउली साहिब के पास एक थार जीप में आया था जहां उनका साहिल मल्ली गैंग के साथ झगड़ा हो गया, दोंनो गिरोह के सदस्यों ने अपने .315-बोर राइफल और .32-बोर रिवाल्वर से एक-दूसरे पर अंधाधुंध गोलियां चलाईं। दोनों पक्षों की ओर से 50 से अधिक राउंड फायर किए गए जिससे चार की मौत हो गई थ।
एआईजी खख ने यह भी बताया कि अफरीदी बहुत ही शानदार जीवन शैली जी रहा था। वह टोयोटा कोरोला कार का इस्तेमाल कर रहा था और उसने आय के अच्छे स्रोत बनाये हुए थे। उसकी तीन शराब विक्रेताओं के साथ साझेदारी है और उनके पास हरिके क्षेत्र में मछली पकड़ने के ठेके भी हैं। वह क्रिकेट में भी सट्टेबाज़ी करता था और कई सट्टेबाजों के साथ उसका अनुबंध था।
आज उसके खिलाफ पुलिस स्टेशन मकसूदां में गैरकानूनी हथियार रखने पर एफआईआर नंबर 27 दर्ज किया गया है। और पुलिस टीम उसकी प्रारंभिक जांच के दौरान उसके द्वारा उजागर की गई जानकारीयों की तफ्तीश कर रही है।
आज गिरफ्तार बदमाश को पुलिस द्वारा मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा और आगे की पूछताछ के लिए उसकी पुलिस रिमांड की मांग की जाएगी। पुलिस टीमों को प्रभजीत मल्ही समेत इस कुख्यात कोबरा गैंग से जुड़े अन्य बदमाशों का पता लगाने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए भेजा गया हैं।
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