हलका खडूर साहिब : कभी गणित की टीचर हुआ करती थी बीबी जगीर कौर, इस तरह आई राजनीति में, पढ़ें

संदीप साही
खडूर साहिब, (PNL) : अकाली दल की खडूर साहिब से लोकसभा उम्मीदवार बीबी जगीर कौर कभी गणित की टिचर हुआ करती थी। उन्होंने 11 साल सरकारी स्कूल में बच्चों को गणित पढ़ाया। उनका राजनीति में आने का कभी कोई इरादा नहीं रहा, लेकिन उनके जीवन के संघर्ष ने उन्हें केबिनेट मंत्री से लेकर एसजीपीसी प्रधान तक बना दिया।
1977 में GCGW कॉलेज चंडीगढ़ से उन्होंने पहले B.A और फिर उसके बाद मास्टर्स की। इन डिग्रियों के बाद उन्होंने मोंटगोमरी गुरु नानक कॉलेज, जालंधर से बी.एड की। 15 जून 1980 को उनकी सरदार चरणजीत सिंह के साथ शादी हुई, जो पूर्व वन मंत्री हरनाम सिंह के बेटे थे। उनके दो बेटियां हैं। शादी के तीन साल बाद उनके पति का निधन हो गया था। इस सदमे ने बीबी जागीर कौर की ज़िन्दगी को हिला कर रख दिया था, लेकिन उन्होंने बच्चों की खातिर अपनी ज़िंदगी को नाजुक नहीं होने दिया।
1988 में जब भारी बाढ़ के कारण ब्यास नदी अपने आस-पास के इलाके को तबाह कर रही थी, तब बीबी जगीर कौर ने बाढ़ पीढ़ितों की मदद के लिए हर संभव प्रयास किया, जिसके बाद उनकी पहचान बनी। उसके बाद वह राजनीति में आई है और अब तक सात चुनाव लड़ चुके हैं, जिनमें चार विधानसभा और तीन SGPC हैं।
एक दिन ऐसा भी आया था जब बीबी जगीर कौर अपना पहला संसदीय चुनाव लड़ने जा रही थी, लेकिन केंद्र सरकार ने चुनाव की तारीख से एक रात पहले चुनाव रद्द कर दिया था। फिर 1992 में अकाली दल ने पंजाब संसदीय चुनावों का बहिष्कार किया और खुद को चुनाव के इस युद्ध से दूर रखा। इसके बाद 1996 में उन्होंने एसजीपीसी चुनावों के लिए भुलत्थ से चुनाव लड़ा और 15052 मतों के अंतर से विजेता बनी।
यह सफलता उनके राजनीति में प्रवेश के कदम के रूप में साबित हुई, क्योंकि 1997 में उन्होंने अकाली दल बादल के बैनर तले पंजाब संसदीय चुनाव लड़ा और 28027 मतों के अंतर से विजेता रही। अकाली दल ने उन्हें 35 साल की उम्र में कैबिनेट मंत्री का पद दे दिया। उन्हें बाल और महिला कल्याण मंत्रालय, पर्यटन और संस्कृति मंत्रालय दिया गया। फिर 16 मार्च 1999 में वह शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) अमृतसर की पहली महिला अध्यक्ष चुनी गई
साल 2000 में उनकी जिंदगी ने दुखद मोड़ आया जब उनकी बेटी हरप्रीत कौर की मौत हो गई। इस घटना में बीबी को ही कटघरे में ला खड़ा किया, जिस आरोपों से वह हाल ही में बरी हुई हैं। साल 2002 में वह फिर से भुलत्थ से 13500 वोटों से जीती। वर्ष 2007 में उन्होंने प्लानिंग बोर्ड कपूरथला की चेयरपर्सन बनाया गया। उसके बाद 2012 में फिर से भुलत्थ से चुनाव जीती और केबिनेट मंत्री बनी। फिलहाल वह अकाली दल की महिला विंग की पंजाब प्रधान हैं। इस बार वह लोकसभा चुनाव लड़ रही हैं और उनके मुकाबले कांग्रेस ने जसबीर सिंह डिंपा को मैदान में उतारा है। अब देखना होगा कि बीबी जगीर कौर डिंपा को मात दे पाती हैं या नहीं।
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