अच्छा अभिनय लेकिन कमजोर कहानी है सैफ अली खान की फिल्म ‘बाजार’

फिल्म का नाम : बाजार
डायरेक्टर: गौरव के चावला
स्टार कास्ट: सैफ अली खान, चित्रांगदा सिंह, रोहन मेहरा, राधिका आप्टे
अवधि: 2 घंटा 20 मिनट
सर्टिफिकेट: U/A
रेटिंग: 2 स्टार
मनोरंजन, (PNL) : बॉलीवुड में इन दिनों लीक से हटकर फिल्में बनाने का चलन शुरू हो गया है। इंडस्ट्री में मौजूद निर्देशक-निर्माता यह बात अच्छे से समझ चुके हैं कि दर्शक इश्क-मोहब्बत जैसी फिल्मों को भूलकर अब लीक से हटकर फिल्में देखने का शौक रखने लगे हैं। इस हफ्ते भी बॉलीवुड की एक ऐसी फिल्म रिलीज हुई है जिसकी कहानी एकदम अलग है। निर्देशक गौरव चावला की इस फिल्म से काफी समय बाद सैफ अली खान परदे पर एक अच्छे अभिनय के साथ लौटे हैं। फिल्म बाजार की कहानी कॉरपोरेट कल्चर और शेयर बाजार ही दुनिया करे इर्द-गिर्द घूमती है।
फिल्म बाजार की कहानी ऐसे दो लोगों शकुन कोठारी (सैफ अली खान) और रिजवान अहमद (रोहन मेहरा ) की है जो अपनी जिंदगी में रुपया कमाना चाहते हैं, लेकिन तरीके दोनों के एकदम अलग हैं। शकुन कोठारी मैथ्स (गणित) पर विश्वास रखता तो वहीं रिजवान अहमद जोकि शकुन कोठारी को अपना खुदा मानता है और उसके साथ काम करना चाहता है, इमोशन पर चलता है। फिल्म में शकुन कोठारी को शेयर बाजार का किंग कहा जाता है, जिसके साथ हर कोई काम करना चाहता है। लेकिन फिल्म में वह ऐसे लोगों के साथ काम करना पसंद करता जो हार-जीत के बीच भूख के फर्क को समझ सके। इसक बाद फिल्म में कई सस्पेंस और उतार-चढ़ाव देखने को मिलते हैं।
बाजार में सैफ अली खान के अलावा चित्रांगदा सिंह और राधिका आप्टे मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म में चित्रांगदा सिंह सैफ की पत्नी के किरदार में हैं वहीं राधिका आप्टे एक ट्रेडिंग कंपनी में काम करने वाली लड़की की भूमिका में नजर आ रही हैं। बीच-बीच में यह फिल्म कई बार रास्ते से भटकती है, लेकिन छोटी-छोटी घटनाओं से फिल्म में दिलचस्पी बनी रहती है। बाजार अपने पहले भाग में कुछ खास काम नहीं करती है। वहीं दूसरे ही भाग में फिल्म के अंदर रोमांच और सस्पेंस का तगड़ा मसाला देखने को मिलता है।
किरदारों पर नजर डालें तो सैफ अली खाने की एक्टिंग दर्शकों को दिलों को न केवल जीत लेगी बल्कि तालियां बजाने के लिए मजबूर कर देगी। फिल्म में उनके संवाद काफी शानदार हैं। इसके अलावा अभिनेता विनोद मेहरा के बेटे रोहन मेहरा ने अपनी पहली फिल्म के हिसाब से बाजार में ठीक-ठाक अभिनय किया है। फिल्म में गुजराती बिजनेसमैन शकुन कोठारी की पत्नी के तौर पर चित्रांगदा सिंह काफी खूबसूरत दिखी हैं। वहीं बाजार में राधिका आप्टे का अच्छा काम है।
निर्देशक गौरव चावला की बाजार को सबसे ज्यादा शानदार जिसने बनाया है वह फिल्म के सवांद हैं। फिल्म के संवाद धीमी पड़ी बाजार को एकदम से तेज रफ्तार दे देते हैं। ‘बड़ा आदमी बनना है तो लाइन क्रॉस करनी होगी’ और ‘हार-जीत में केवल भूख का फर्क’ होता है जैसे सवांद फिल्म को काफी शानदार बना देते हैं। फिल्म में सैफ अली खान के सवांद काफी दमदार है। वहीं बाजार का म्यूजिक भी ठीक-ठाक है। फिल्म में जॉन स्टीवर्ट एंडोरी बैकग्राउंड स्कोर अच्छा है। कुल मिलाकर फिल्म की कहानी में थोड़ा और दम होता तो यह बाजार और गर्म हो सकता था।
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