फतेहवीर को बाहर निकालने में फेल साबित हुआ NDRF, डीआईजी आए सामने, जनता के आरोपों पर दी सफाई, पढ़ें

संगरूर, (PNL) : बोरवेल में फंसे फतेहवीर को बाहर निकालने में National Disaster Response Force (NDRF) की टीम पूरी तरह से फेल साबित हुई है। बच्चे की मौत के बाद आज सोशल मीडिया पर जनता ने NDRF को सवालों के घेरे में ला खड़ा किया है। लोगों का कहना है कि उक्त टीम के पास कोई पुख्ता प्रबंध नहीं थे। विज्ञानिक चांद पर पहुंच गए हैं और यहां एक बच्चे को बोरवेल से बाहर नहीं निकाला जा रहा। इन सभी सवालों का जवाब देने के लिए डीआईजी रणदीप राणा सामने आए।
मीडिया से बातचीत करते हुए राणा ने कहा कि उनके पास जो भी आधुनिक तकनीक थी, उसका इस्तेमाल किया गया है। उनका मकसद क्रेडिट लेना नहीं था, उनका मकसद सिर्फ बच्चे को बचाना था। उन्होंने कहा कि बच्चे के साथ कपड़े और बोरी भी गिरी थी, जिस कारण उसे बाहर निकालने मुश्किल था। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में अगर कोई बच्चा बोरवेल में गिरे तो उसे तीन तरीके से रेसेक्यू किया जाता है और वह तीनों तकनीकों का इस्तेमाल कर चुके थे। उन्हें बेहद अफसोस है कि वह बच्चे को बचा नहीं सके।
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