पंजाब में डायरिया को लेकर एडिशनल चीफ सैक्रेटरी ने की मीटिंग, पढ़ें

चंडीगढ़, (PNL) : स्वास्थ्य व परिवार कल्याण विभाग, पंजाब की तरफ से बच्चों को दस्त (डायरिया) की बिमारी से बचाने के लिए उच्च स्तरीय अधिकारियों की मीटिंग की गई। इस की अध्यक्षता एडिशनल चीफ सैक्रेटरी (स्वास्थ्य व परिवार कल्याण) सतीश चंद्रा ने की। इसमें इंटेसीफाड डायरिया कंट्रोल फोर्टनाइट को प्रभावशाली ढंग से लागू करने संबंधी निर्देश जारी किए गए।
इसमें डिवेल्पमैंट पार्टनर यूससएड से वरिधी और सहयोगी विभाग जैसे कि एजूकेशन विभाग, वाटर एंड सेनीटेशन, रूरल डिवेल्पमैंट विभागों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान डीएचएस कार्यालय, चंडीगढ़ में आईडीसीएफ सेक्रेट्रीएट स्थापित किया औऱ डा. आईजेएस भाटिया को नोडल अफ़सर नियुक्त किया गया। इस दौरान श्री सतीश चंद्रा ने विभाग के संबंधित अधिकारियों को ओआरएस पैकेट के आबंटन और आंगनवाड़ी केंद्रों में उपलब्धता यकीनी बनाने हेतु निर्देश दिए।
सतीश चंद्रा ने बताया कि 5 साल से कम आयू के बच्चों के लिए डायरिया की बिमारी जानलेवा साबित हो सकती है। देश भर में 5 साल से कम आयू के 10 फीसदी बच्चों की मौत का कारण दस्त है। इसी तरह पंजाब में हर माह 80 बच्चों की दस्त (डायरिया) के कारण मौत हो जाती है। यह देखने में आया है कि इन बच्चों को ओआरएस व जिंक की गोली देकर बचाया जा सकता है।
सतीश चंद्रा ने बताया कि दस्त रोग से बचाने के लिए इंटेसीफाइड डायरिया कंट्रोल फोर्टनाइट को गत पाँच वर्षोँ से प्रभावशाली ढंग से मनाया जा रहा है और लाखों बच्चों तक पहुंच की जा रही है। इसी तरह वर्ष 2019 में भी आईडीसीऐफ 8 जुलाई से 23 जुलाई तक मनाया जाएगा, जिस दौरान डायरिया व डायरिया मैनेजमैंट के बारे जागरूक करने के लिए गतीविधियां करवाई जाएंगी और ओआरएस व ज़िंक कार्नर स्थापित की जाएंगे।
इसी तरह आशा वर्करों की तरफ से पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों को ओआरएस दिया जाएगा और साफ सफाई रखने संबंधी प्रेरित करने के लिए गतीविधियां करवाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि दस्त को रोकने के लिए विशेष पंदरवाड़ा दौरान सभी सहयोगी विभागों के साथ मिलकर काम करेंगे।
Please follow and like us: